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Posted on Tue 6th Dec 2022 : 16:38

चिकनपॉक्‍स में परेशान हो रहा है बच्‍चा, इन घरेलू नुस्‍खों से दूर होगा दर्द और दाने

चिकनपॉक्‍स ज्‍यादातर बच्‍चों को प्रभावित करता है और इस बीमारी का इलाज घर पर ही किया जा सकता है।

चिकनपॉक्‍स एक वायरल इंफेक्‍शन है जिसमें खुजली और फ्लू जैसे लक्षण सामने आते हैं। आमतौर पर चिकनपॉक्‍स की समस्‍या बच्‍चों को ज्‍यादा होती है। इस इंफेक्‍शन के इलाज में लक्षणों को ठीक करने की कोशिश की जाती है।

चिकनपॉक्‍स के उपचार में दवाओं के साथ-साथ कुछ घरेलू नुस्‍खे भी काम आ सकते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं जो इंफेक्‍शन से लड़ने के लिए बच्‍चे की इम्‍यूनिटी को बढ़ाएंगे और उसे जल्‍दी ठीक करने में मदद करेंगे।

​कैलामाइन लोशन
कैलामाइन लोशन खुजली को कम करने में मदद कर सकता है। इस लोशन में स्किन को ठंडक और राहत पहुंचाने वाले गुण होते हैं जिसमें जिंक ऑक्‍साइड भी शामिल है। रूई के फाहे से कैलामाइन लोशन को खुजली वाली जगह पर लगाएं।
​ओटमील बाथ
ओटमील बाथ से चिकनपॉक्‍स में खुजली से राहत मिल सकती है। आप घर पर भी ओटमील बाथ तैयार कर सकते हैं।

बड़े बच्‍चे के लिए एक कप और छोटे शिशु के लिए ⅓ कप ओट्स लें। ओट्स अनफ्लेवर्ड, धीरे पकने वाले होने चाहिए। आप ओट्स के दानों को फूड प्रोसेसर में भी छोटा कर सकते हैं। एक मुस्लिन बैग में ओट्स को डालें।

अब एक टब में गुनगुना पानी डालें और एक गिलास में एक चम्‍मच ओट्स डाल दें। अगर ओट्स पानी में एब्‍जॉर्ब हो जाते हैं और पानी दूधिया हो जाता है, तो इसका मतलब है कि ओट्स पर्याप्‍त रूप से घुल चुके हैं।

फिर टब वाले पानी में गिलास वाला पानी मिला दें और 20 मिनट तक बच्‍चे को टब में बिठाएं।

आप बच्‍चे को ओटमील लोशन भी लगा सकते हैं।
​कैमोमाइल टी
किचन में मौजूद कैमोमाइल टी भी चिकनपॉक्‍स में होने वाले खुजलीदार दानों को ठीक कर सकती है। कैमोमाइल में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं।

नहाने के पानी में कैमोमाइल के दो से तीन टी बैग्‍स डाल दें। अब साफ कपड़ा इस पानी में भिगोएं और खुजली वाली स्किन पर लगाएं। इसके बाद स्किन को अच्‍छी तरह से सुखा लें।
​दर्द निवारक दवाएं
अगर आपके बच्‍चे को चिकनपॉक्‍स के छाले हो रहे हैं और उसमें दर्द भी हो रहा है या बुखार भी है, तो बच्‍चे को दवा देनी चाहिए।

दर्द को कम करने के लिए एसेटामिनोफेन ले सकते हैं। हो सके इबूप्रोफेन न लें क्‍योंकि चिकनपॉक्‍स में इसकी वजह से कोई गंभीर स्किन इंफेक्‍शन हो सकता है।

आप डॉक्‍टर की सलाह के बिना बच्‍चे को कोई दवा न दें।
​डॉक्‍टर को कब दिखाएं

अधिकतर मामलों में समय के साथ चिकनपॉक्‍स अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में डॉक्‍टर या पीडियाट्रिशियन को दिखाने की जरूरत होती है।

अगर बच्‍चा एक साल से छोटा है।
यदि बच्‍चे की इम्‍यूनिटी कमजोर है या किसी दीर्घकालिक बीमारी की वजह से उसकी इम्‍यूनिटी कमजोर हो गई है।
जब बच्‍चे को 102 डिग्री फारेनहाइट से ज्‍यादा बुखार हो या बुखार चार दिन से ज्‍यादा हो या 24 घंटे में बुखार ठीक हो जाए और फिर दोबारा हो जाए।
अगर बच्‍चे को गर्दन में अकड़न, उलझन, सांस लेने में दिक्‍कत या ब्‍लीडिंग वाले रैशेज हो रहे हैं।

कभी-कभी डॉक्‍टर चिकनपॉक्‍स को जल्‍दी ठीक करने के लिए एंटीवायरल दवाएं भी लिख सकते हैं।

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